हुजूर श्री डॉ. लक्ष्यराज सिंहजी मेवाड़ ने महाराणा अरविंद सिंह मेवाड़ की स्मृति में नए राष्ट्रीय सम्मान की घोषणा की
उदयपुर | 17 मार्च 2026: मेवाड़ की समृद्ध और ऐतिहासिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन ने अपना 42वां वार्षिक सम्मान समारोह आयोजित किया, जिसमें होनहार विद्यार्थियों के साथ-साथ मानवीय मूल्यों, संस्कृति, सेवा और राष्ट्रीय उपलब्धियों के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
इस समारोह का नेतृत्व फाउंडेशन के चेयरमैन एवं मैनेजिंग ट्रस्टी श्री डॉ. लक्ष्यराज सिंहजी मेवाड़ ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत एकलिंगनाथजी और फाउंडेशन के संस्थापक महाराणा भगवत सिंहजी मेवाड़ को दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
अपने संबोधन के दौरान डॉ. मेवाड़ अपने पिता महाराणा अरविंद सिंहजी मेवाड़ को याद करते हुए भावुक हो गए। एकलिंगजी के 77वें कस्टोडियन (दीवान) के रूप में उन्होंने अपने पिता से प्राप्त मूल्यों के आधार पर मेवाड़ की गौरवशाली विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने का संकल्प दोहराया। उनकी स्मृति और विरासत को सम्मान देने के लिए डॉ. मेवाड़ ने एक नए राष्ट्रीय सम्मान — “महाराणा अरविंद सिंहजी मेवाड़ अवॉर्ड” की स्थापना की घोषणा की।
भारत और विदेश से आए प्रतिष्ठित पुरस्कार विजेताओं का पारंपरिक रूप से पुष्पों से स्वागत किया गया। समारोह की शुरुआत 81 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ हुई, जिनकी उपलब्धियों का दर्शकों ने खड़े होकर तालियों से स्वागत किया।
इंटरनेशनल अवॉर्ड
कर्नल जेम्स टॉड अवॉर्ड डॉ. मौली एम्मा ऐटकेन (USA) को प्रदान किया गया। वे भारतीय मिनिएचर पेंटिंग, विशेषकर मेवाड़ और राजपूत दरबार की चित्रकला परंपराओं की प्रतिष्ठित विद्वान हैं। उनका कार्य जेम्स टॉड से जुड़ी उस विरासत को आगे बढ़ाता है, जिनके ऐतिहासिक लेखन ने मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई।
नेशनल अवॉर्ड
हल्दीघाटी अवॉर्ड वरिष्ठ पत्रकार कमलेश किशोर सिंह को प्रदान किया गया, जिनके पास भारतीय मीडिया में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। डिजिटल पत्रकारिता में उनके योगदान और हिंदी मीडिया को सशक्त बनाने के लिए वे विशेष रूप से जाने जाते हैं। उनका लोकप्रिय पॉडकास्ट “तीन ताल”, जिसमें वे “ताऊ” के नाम से चर्चा करते हैं, समकालीन मुद्दों पर विचारपूर्ण सार्वजनिक संवाद को प्रोत्साहित करता है।
हकीम खान सूर अवॉर्ड भारतीय वायु सेना के अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर रिज़वान मलिक, वीर चक्र (VrC) से सम्मानित, को प्रदान किया गया। उन्हें वर्ष 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रदर्शित असाधारण वीरता के लिए सम्मानित किया गया। मणिपुर के इंफाल ईस्ट जिले के निवासी मलिक अपने राज्य और देश दोनों के लिए गर्व का कारण बने हैं।
पर्यावरण संरक्षण के लिए महाराणा उदय सिंह अवॉर्ड मारीमुथु योगनाथन को प्रदान किया गया, जिन्हें “ट्री मैन ऑफ इंडिया” के नाम से जाना जाता है। तमिलनाडु स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन में बस कंडक्टर के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने लगभग चार दशकों तक पर्यावरण जागरूकता और वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया। अब तक वे 5 लाख से अधिक पेड़ लगा चुके हैं।
पन्ना धाय अवॉर्ड
पन्ना धाय अवॉर्ड जेट एयरवेज़ की फ़्लाइट 9W 569 के क्रू सदस्यों को प्रदान किया गया, जिन्होंने वर्ष 2017 में 35,000 फीट की ऊँचाई पर एक आपातकालीन स्थिति में बच्चे के जन्म में सफलतापूर्वक सहायता की थी।
सीमित संसाधनों और विमान में चिकित्सीय सुविधाओं की कमी के बावजूद, क्रू ने अद्भुत साहस, धैर्य और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। इस टीम में ईशा जयकर, तेजस चव्हाण, कैथरीन वार्ष्णेय, सुष्मिता डेविड और डेबोरा तवारेस शामिल थे। कॉकपिट में कैप्टन प्रणव छाबड़िया और कैप्टन मार्टिन फेसेनेक ने कठिन परिस्थितियों में विमान संचालन को संभाला। उस उड़ान के दौरान जन्मे बच्चे “जेटसन” ने अपने परिवार के साथ समारोह में भाग लेकर इस क्षण को और भी यादगार बना दिया।
पहला महाराणा अरविंद सिंह मेवाड़ अवॉर्ड
पहला महाराणा अरविंद सिंहजी मेवाड़ अवॉर्ड द इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं CEO पुनीत छतवाल को भारत के पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और योगदान के लिए प्रदान किया गया।
स्टेट लेवल सम्मान
राज्य स्तर पर महर्षि हरित राशि अवॉर्ड 19 वर्षीय वैदिक विद्वान देवव्रत महेश रेखे को प्रदान किया गया, जिन्होंने वाराणसी में 50 दिनों में शुक्ल यजुर्वेद (मध्यंदिन शाखा) के दुर्लभ दंडक्रम विकृतिपाठ का स्मरण से पाठ किया। लगभग 200 वर्षों में इस दुर्लभ वैदिक पाठ को पूर्ण करने वाले वे दूसरे विद्वान माने जाते हैं।
समाज सेवा के लिए महाराणा मेवाड़ अवॉर्ड भारत की पहली ट्रांसजेंडर महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर के. पृथिका यशिनी और पत्रिका ग्रुप के डिप्टी एडिटर एवं वरिष्ठ पत्रकार भुवनेश जैन को प्रदान किया गया।
भारतीय संस्कृति, साहित्य और इतिहास में योगदान के लिए महाराणा कुंभा अवॉर्ड हिंदी और राजस्थानी के प्रतिष्ठित लेखक तरुण कुमार दाधीच को दिया गया।
फाइन आर्ट्स के लिए महाराणा सज्जन सिंह अवॉर्ड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट अजय रावत को प्रदान किया गया। वे पुष्कर में नेशनल सैंड आर्ट पार्क के संस्थापक हैं।
संगीत के क्षेत्र में डागर घराना अवॉर्ड पद्म विभूषण से सम्मानित विख्यात हिंदुस्तानी शास्त्रीय बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया को प्रदान किया गया।
आदिवासी उत्थान के लिए राणा पुंजा अवॉर्ड मंडाना कलाकार डिंपल चंदत को आदिवासी मंडाना कला परंपरा के संरक्षण और दस्तावेज़ीकरण के लिए दिया गया।
अरावली स्पोर्ट्स अवॉर्ड
खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राम रतन जाट और अवनी लेखरा को अरावली अवॉर्ड प्रदान किए गए।
भारतीय नौसेना में चीफ पेटी ऑफिसर राम रतन जाट एक प्रसिद्ध अल्ट्रा-मैराथन धावक हैं। उन्होंने कैलिफ़ोर्निया में 135 मील की विश्व की सबसे कठिन फुटरेस पूरी की और 52 दिनों में कश्मीर से कन्याकुमारी तक 4,280 किमी दौड़कर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।
अवनी लेखरा ने रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट के बावजूद पैरा शूटिंग में विश्व स्तर पर पहचान बनाई। टोक्यो पैरालिंपिक 2020 में उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण और 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में कांस्य पदक जीतकर एक ही पैरालिंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का गौरव प्राप्त किया।
विशेष सम्मान
महाराणा मेवाड़ स्पेशल स्टेट अवॉर्ड सूरतगढ़ सिटी पुलिस स्टेशन को दिया गया, जिसे राजस्थान का सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन माना गया।
इसके साथ ही उदयपुर के राजेश वैष्णव को मेवाड़ की 500 वर्ष पुरानी पवित्र “जल सांझी” जल वितरण परंपरा को जीवित रखने के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह का समापन मोहलक्षिका कुमारी मेवाड़ के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन हिंदी में गोपाल सोनी और अंग्रेज़ी में रूपा चक्रवर्ती ने किया।
